This Post is created as a tribute to our INDIAN Soldiers on
the occasion of Independence Day
गाँव की गलियां और दोस्तों का साथ ,
बचपन के खेल और माँ की डांट ,
थक कर चूर सोना बेफिक्री में, चाहे जमीन हो या लकड़ी की खाट,
उस बेफिक्री उस लड़कपन को छोड़ कर ,
यादें कई दिल में समा कर ,
कैसे भी हो हालात
सरहद पर खड़ा हूँ मैं ,
कभी सर्दी , कभी गर्मी , कभी तूफ़ान , कैसा भी हो हाल ,
कुछ पल ,कुछ दिन ,कुछ महीने या फिर साल ,
डरता नहीं , झुकता नहीं , दिल में है बस तू ही मेरी माँ ,
तुझको बचाने हर तकलीफ से , हर दुश्मन से लड़ा हूँ मैं ,
कैसे भी हो हालात
सरहद पर खड़ा हूँ मैं ,
सरहद पर फुर्सत के कुछ पल , जब सुना रेडियो पर कुछ अपनों को ,
इक पल में टूट गया मैं , और टूटते देखा अपने सपनों को ,
खा कर गोली बचाया जिन्हें , और सीने से अपने लगाया जिन्हें ,
सहलाया प्यार से , अपनेपन से , हर दर्द भुलाने को जिन्हें ,
कुछ बेगानों ने उन जख्मों का इलज़ाम हम पर लगाया है ,
हर इलज़ाम सहने को , अपनों को बचाने की ज़िद्द पे अड़ा हूँ मैं ,
कैसे भी हो हालात ,
सरहद पर खड़ा हूँ मैं ,
सहने को हर दर्द बदन को मैंने तपाया है ,
दिल में कितना भी हो दर्द , उसे दिल में ही छिपाया है ,
सह कर चोटें पीठ पर भी अपनों से , अपनों को दुश्मनों से बचाया है ,
जख्मी है बदन , टूटा है दिल भी कभी ,
सिर्फ जिद्द है अपनों को बचाने की , इस ज़िद्द पे सालों से अड़ा हूँ मै,
कैसे भी हो हालात ,
सरहद पर खड़ा हूँ मैं ,
ऐ वतन वालो , शिकवा हो अगर कोई तो शिकायत करो अपनों की तरह ,
कभी टूटे न भरोसा देश का मेरे मुझ पर , टूटे सपनो की तरह ,
दर्द सताए तो सहलाये कोई , इलज़ाम लगें हज़ारों पर फिर भी अपनाये कोई ,
यह देश है मेरा , यह लोग मेरे है , इनके साथ हरदम खड़ा हूँ मैं ,
कैसे भी हो हालात ,
सरहद पर खड़ा हूँ मैं
Jai Hind !!
Rakesh Kumar Chaudhary
Indian


Very nice.
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