Wednesday, June 27, 2018

Jai Hind

दिलों पे सबके हम इक दास्ताँ लिख जाएंगे ,
मिट सके न कभी वह पहचान लिख जाएंगे, 
शहादत देकर हम अपनी जय हिंदुस्तान लिख जाएंगे …..
कैसा भी हो समां हम टूटते नहीं ,
मुश्किलों से लड़ते है हरदम, थक कर कभी रुकते नहीं,
कम पड़े ये जिंदगी भी अगर , चार दिन मांग के नाम वतन के खुदा से थोड़ा और जी जाएंगे …..
शहादत देकर हम अपनी जय हिंदुस्तान लिख जाएंगे …..
हिफाज़त करते हैं जिसकी दिन रात वह देश अपना है …
ना डर है तूफानों का या किसी भी शय का , बस आँखों में एक ही सपना है ,,,
अगर सोचता है कोई पागल के मिटा देगा मेरे देश को !!!
कोई सोचे न फिर कभी , ऐसा उसके जख्मों पे हम निशान छोड़ जाएंगे ,,,
शहादत देकर हम अपनी जय हिंदुस्तान लिख जाएंगे …..
सुन लो कान खोल के ऐ मौत बेचने बालो , इस बार जाग गए शेर सारे तो तेरे देश का तुम्हारे सिर्फ पुराने नक़्शे में नाम छोड़ जाएंगे ,,,,
शहादत देकर हम अपनी जय हिंदुस्तान लिख जाएंगे …..
जय हिन्द ..जय जवान …

                                                                                                                                              राकेश कुमार चौधरी




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